नई दिल्ली: आज ‘भारत मंडपम’ में इतिहास रचा गया है। जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस मंच पर मौजूद हों, और माइक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में हो, तो दुनिया सुनती है। ‘India AI Impact Summit 2026’ केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि यह ऐलान है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अब केवल सिलिकॉन वैली का राज नहीं चलेगा।
₹10,372 करोड़ का ‘IndiaAI Mission’
सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। यह पैसा सिर्फ कॉर्पोरेट के लिए नहीं, बल्कि भारतीय स्टार्टअप्स को ‘GPU’ (कंप्यूटिंग पावर) देने के लिए है। इसका सीधा मतलब है कि अब एक गांव का छात्र भी सुपरकंप्यूटर का एक्सेस पा सकेगा।
मानवता की सेवा (AI for Good)
पीएम मोदी ने साफ कहा— “हम AI का इस्तेमाल हथियार बनाने में नहीं, बल्कि कैंसर का इलाज खोजने और किसानों की आय दोगुनी करने में करेंगे।” यह भारत का ‘AI डिप्लोमेसी’ मॉडल है, जो चीन और अमेरिका से बिल्कुल अलग है।
सुंदर पिचाई का बड़ा बयान
Google के CEO सुंदर पिचाई ने समिट में कहा, “भारत अब AI का बैक-ऑफिस नहीं, बल्कि ‘इनोवेशन हब’ है। दुनिया के सबसे बेहतरीन AI ऐप्स अब बेंगलुरु और हैदराबाद में कोड किए जा रहे हैं।”
निवेशकों के लिए संकेत
यह समिट Tata Elxsi और Persistent Systems जैसी कंपनियों के लिए ‘गोल्डन एरा’ की शुरुआत है। डिफेंस और हेल्थकेयर सेक्टर में AI का दखल बढ़ने से इन कंपनियों के मार्जिन में भारी उछाल की उम्मीद है।
(Disclaimer: यह वित्तीय सलाह नहीं है। निवेश से पहले रिसर्च करें।)

