AUTHOR – PANKAJ MEHTA JOURNALIST
(Last Updated: 23 FEB 2026, Monday)
भारतीय शेयर बाज़ार (Indian Stock Market) में इन दिनों रिटेल निवेशकों (Retail Investors) को एक ‘डर’ बेचा जा रहा है। न्यूज़ चैनलों पर एक ही शोर है— “AI (Artificial Intelligence) आ गया है, अब TCS, Infosys और Wipro जैसी भारतीय IT कंपनियों का खेल खत्म! IT इंडेक्स क्रैश हो रहा है!” इस पैनिक (Panic) में आकर छोटे निवेशक अपने IT शेयर कौड़ियों के भाव बेच रहे हैं।
लेकिन BHARATKAAI.TECH की डेस्क से 18 साल के BSE अनुभव के आधार पर आज हम उस सच का पर्दाफाश कर रहे हैं, जो बड़े खिलाड़ी (FIIs) और ऑपरेटर आपसे छुपाना चाहते हैं। शेयर बाज़ार का सबसे अटल नियम है: “जो दिखता है वह होता नहीं, और जो होता है वह दिखता नहीं।”
क्या सच में लाखों IT इंजीनियर घर बैठेंगे? (The Job Loss Myth)
- सबसे बड़ा सवाल: क्या ChatGPT और Claude जैसे AI टूल्स लाखों भारतीय IT इंजीनियरों की नौकरियां खा जाएंगे?
- कड़वा सच: हाँ, जो इंजीनियर खुद को अपग्रेड (Upgrade) नहीं करेंगे और पुरानी कोडिंग पर अटके रहेंगे, उनकी नौकरियां खतरे में हैं।
- असली सच: “AI इंजीनियरों को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि AI का इस्तेमाल करने वाला इंजीनियर, AI का इस्तेमाल न करने वाले इंजीनियर को रिप्लेस करेगा।”
- IT और AI की दुश्मनी नहीं, “पर्दे के पीछे की ग्लोबल डील” है!
- मीडिया आपको दिखा रहा है कि AI विदेशी है और भारतीय IT सेक्टर को निगल जाएगा। लेकिन असली खेल बोर्डरूम के बंद दरवाज़ों के पीछे चल रहा है। सबसे बड़ी खबर जिसे मीडिया ने दबा दिया, वह है Infosys और Anthropic (Claude AI) के बीच हुई ऐतिहासिक ग्लोबल डील! विदेशी AI कंपनियों के पास शानदार ‘दिमाग’ (AI Models) है, लेकिन दुनिया की फॉर्च्यून 500 (Fortune 500) कंपनियों का डेटा और नेटवर्क हमारी IT कंपनियों के पास है। ये दोनों मिलकर अब ‘Enterprise AI Solutions’ बना रहे हैं।
AI Summit India का महा-धमाका: PM Modi और Ambani का विजन
- जहाँ एक तरफ बाज़ार में IT सेक्टर को लेकर डर है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के ‘India AI Impact Summit’ में एक अलग ही इतिहास रचा जा रहा है।
- PM Modi का ‘MANAV’ विजन: प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्पष्ट कर दिया है कि AI से डरने की ज़रूरत नहीं है। यह भारत का ‘भाग्य’ बदलने वाला टूल है, ‘भय’ का कारण नहीं। उन्होंने AI को ‘MANAV’ (Human-centric AI) का नाम दिया है, जो इंसान की तरक्की के लिए काम करेगा।
- Mukesh Ambani का ₹10 Lakh Crore का दांव: रिलायंस (Reliance) ने बाज़ार में ताल ठोक दी है। मुकेश अंबानी का लक्ष्य है AI को भारत में इतना ‘सस्ता’ बनाना कि यह हर नागरिक की पहुँच में हो। इसके लिए रिलायंस अगले 7 सालों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करने जा रहा है।
- 2028 का ‘Super Brain’: ओपन एआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन का मानना है कि 2028 तक AI इंसानी दिमाग से भी तेज़ ‘सुपर ब्रेन’ बन जाएगा।
IT इंडेक्स धराशाई क्यों हो रहा है? (The Operator Mastermind Game)
- अगर अंदरखाने Ambani और Infosys जैसी कंपनियों की इतनी बड़ी पार्टनरशिप और निवेश चल रहा है, तो IT शेयर्स गिर क्यों रहे हैं?
- यहीं पर ऑपरेटर (Operator) का गेम शुरू होता है। जब कोई ‘मेगा-ट्रेंड’ (Mega Trend) आता है, तो बड़े निवेशकों को शेयर सस्ते में चाहिए होते हैं। मीडिया में छंटनी और AI का डर फैलाया जाता है, ताकि रिटेल निवेशक पैनिक सेलिंग (Panic Selling) करें और ऑपरेटर नीचे के भाव पर उन शेयर्स को एक्युमुलेट (Accumulate) कर लें।
BHARATKAAI का निष्कर्ष: यह IT सेक्टर का क्रैश नहीं, ‘Evolution 2.0’ है। जब 2028 का ‘Super Brain’ आएगा और Ambani का ₹10 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, तो यही IT कंपनियां मल्टीबैगर (Multibagger) बनेंगी। ऑपरेटर की चाल को समझिए और बाज़ार के शोर के बजाय डेटा पर भरोसा कीजिए!
Pro Tip for Wealth Creation: जब Ambani और Tata जैसे दिग्गज AI क्रांति में ₹10 लाख करोड़ का दांव लगा रहे हैं, तो क्या आप अब भी पुराने और हैंग होने वाले ऐप्स पर ट्रेडिंग कर रहे हैं? इस ‘Evolution 2.0’ का असली फायदा उठाने के लिए आपको चाहिए एक फास्ट और रिलायबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म।
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